व्यास पूर्णिमा-विक्रम सम्वत् 2080

Shree Ram Sharnam Gwalior

श्री राम शरणम्

राम सेवक संघ, ग्वालियर

एक इष्ट, एक मन्त्र, एक राम-नाम

30th Aug 2025

एक इष्ट, एक मन्त्र, एक राम-नाम

पूज्यपाद श्री स्वामी सत्यानन्द जी महाराज ने इस युग में एक मन्त्र, एक राम-नाम की दीक्षा देकर सरलतम, सुगमतम विधि प्रदान कर हमें कृतार्थ किया है जिसे पाकर हम अपने आपको धन्य मानते हैं।
हमारा एक ही मन्त्र है तथा एक ही इष्ट है। इष्ट को सर्वोपरि मानना चाहिये तथा अन्य की ओर ताकना भक्ति मार्ग में आध्यात्मिक व्यभिचार माना गया है। अन्य से सम्बन्ध जोड़ना, अन्य की इच्छा पर चलना, अन्य साधन अपने मार्ग में श्रेष्ठ समझना कोई अच्छी बात नहीं है। श्रेष्ठ साधक वही है जो गुरु मन्त्र रूपी एक बूँद जल को पीकर सीप की भाँति साधना के अगाध समुद्र में डूब जाये, फिर इधर-उधर न देखे ।
एक महापुरुष ने कहा है- एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाये। इसलिए एक मन्त्र में ही पूर्ण श्रद्धा, भरोसा तथा विश्वास होना चाहिए।
राम नाम को लाभ कर, फिर घर और न देख। व्यभिचारिन हो न सती, इसमें मीन न मेख ।।
[भक्ति-प्रकाश]
श्रीमद्भगवद् गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपना विराट स्वरूप दिखाकर कहा- जिस प्रकार तूने मुझे देखा है उस प्रकार, मैं, वेदों से, तप से, दान से तथा यज्ञ से नहीं देखा जा सकता। परन्तु हे परंतप ! इस प्रकार के मेरे रूप को जानने के लिए, देखने के लिए और उसमें वास्तविकता से प्रवेश करने के लिए अनन्य भक्ति ही (साधन) हो सकती है, मैं अनन्य भक्ति से ही जाना जा सकता हूँ। [अध्याय – 11]
राम-नाम जप-यज्ञ : 2025
राम सेवक संघ, श्रीरामशरणम्, ग्वालियर द्वारा 21 दिवसीय जप-यज्ञ का आयोजन 7 सितम्बर से 27 सितम्बर तक किया जा रहा है। इस जप यज्ञ में राम सेवक संघ द्वारा 21 करोड़ राम-नाम की संख्या का संकल्प लिया गया है।
इस यज्ञ में हम साधकों को घरों में रहते हुए निश्चित संख्या का संकल्प लेकर राम-नाम जाप करना है। राम-नाम जाप की संख्या स्वयं नियत करनी है।
हम साधकों को प्रतिदिन अपने जाप की संख्या दिये गये फॉर्म में नोट करनी है। 21 दिन के पश्चात् कुल संख्या आश्रम में अथवा फोन (whatsapp) से नोट करवानी है। इस जप-यज्ञ में देश-विदेश के सभी साधक-साधिकाएँ भाग ले सकते हैं।
सम्पर्क सूत्र- 98276 70634, 94257 75065, 9425101691, 89894 76802, 75095 57000
प्रेषक : श्रीराम शरणम् रामसेवक संघ, ग्वालियर